पृथ्वी की गतियाँ (Movement of the Earth)- उपसौर व अपसौर। घूर्णन-परिक्रमण



पृथ्वी की गतियाँ (Movement of the Earth)

पृथ्वी की गतियाँ (Movement of the Earth)

दूसरे ग्रहों के समान पृथ्वी की दो गतियाँ हैं। यह अपने अक्ष पर निरंतर घूमती रहती है और लगभग 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है। इसे घूर्णन गति (Rotation) कहते हैं। इसे पृथ्वी को दैनिक गति (Daily movement) भी कहते हैं। इसके कारण पृथ्वी पर दिन रात होते हैं। पृथ्वी का अक्ष उसके कक्षा तल पर बने लंब से 237° झुका हुआ है।

इसे पृथ्वी के अक्ष का झुकाव कहते हैं। इस अक्ष के उत्तरी सिरे पर उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी सिरे पर दक्षिणी ध्रुव हैं। पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती हुई लगभग 1,00,000 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से सूर्य की परिक्रमा करती है। पृथ्वी को एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 365 दिन और 6 घंटे लगते हैं। पृथ्वी के इस वार्षिक गति को परिक्रमण (Revolution) कहते हैं।

घूर्णन (Daily Movement)

पृथ्वी को प्रकाश और ऊष्मा सूर्य से मिलती है। पृथ्वी की आकृति गोल है। अत: अपने अक्ष पर घूमते समय इसका आधा भाग सूर्य के प्रकाश में रहता है। दूसरा आधा भाग अंधेरे में रहता है। इस प्रकार उसका प्रत्येक भाग एक निश्चित अवधि के लिए सूर्य के प्रकाश में आते है और फिर उससे ओझल हो जाते है। पृथ्वी के प्रकाश वाले भाग में दिन तथा अंधेरे वाले भाग में रात होती है वास्तव में पृथ्वी के घूर्णन के कारण उसके सभी भागों में क्रम से दिन और रात होते हैं।

सूर्य की किरणें सूर्योदय के पूर्व व सूर्यास्त के पश्चात् वायुमंडलीय धूल कण द्वारा विसरित (Diffused) होकर दिखती हैं, जिसे ट्वीलाइट (Twilight) कहा जाता है। सूर्योदय वाले स्थान के 6° पहले स्थित स्थानों पर दिखने वाले प्रकाश को नागरिक ट्वीलाइट (Civil Twilight) 12° पहले दिखने वाले प्रकाश को समुद्री ट्वीलाइट (Nautical Twilight) तथा 18° पहले दिखने वाले प्रकाश खगोलिय ट्वीलाइट (Astronomical Twilight) कहा जाता है। ट्वीलाइट सभी अंक्षांशों पर पूर्व से पश्चिम घूमता है।

सबसे पहले सूर्योदय और सबसे अंत में सूर्यास्त

  • जापान पृथ्वी के पूर्वी छोर पर अवस्थित है, इसलिए सूर्योदय भी सबसे पहले यहीं होता है।
  • जापान का नाम ही चीनी भाषा के जिप्पन से पड़ा है जिसका अर्थ सूर्य का स्रोत है।
  • हालांकि सूर्य की सबसे पहली किरण न्यूजीलैंड के 5748 फीट ऊंचे माउंट हिकरांगी पर पड़ती है।
  • सबसे अंत में सूर्यास्त समाओ व हवाई द्वीप पर होता है। दोनों द्वीप प्रशांत महासागर में पड़ते हैं।
  • समाओ कभी न्यूजीलैंड के अधीन था। आज यह स्वतंत्र है। जबकि हवाई द्वीप पर अमेरिका का अधिकार है।

सबसे बड़ी रात, सबसे बड़ा दिन

  • पृथ्वी पर सबसे बड़ी रात 24 दिसंबर को होती है जबकि सबसे बड़ा दिन 11 जून को होती है।
  • 21 दिसंबर को दिन 10 घंटे 40 मिनट का जबकि रात 13 घंटे 20 मिनट की होती है।
  • 21 जून को स्थिति विपरीत होती हैं इसी प्रकार 21 मार्च और 23 सितंबर को दिन-रात बराबर होते हैं। इस दिन सूर्य की किरणें पृथ्वी के मध्य में स्थित विषुवत रेखा पर सीधी पड़ती है।

अंटार्कटिका में केवल 2 मौसम

  • पृथ्वी पर अंटार्कटिका ही केवल ऐसा स्थल है जहां केवल 2 मौसम (1.सर्दी 12.गर्मी) होते हैं। सर्दी के दिनों में 6 महीने तक यहां अंधेरा व गर्मियों में 6 महीने तक दिन का प्रकाश रहता है।

परिक्रमण (Revolution)

अपने अक्ष पर घूमती हुई पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा भी करती है। पृथ्वी सूर्य की एक परिक्रमा लगभग 365 दिन और 6 घंटे में पूरा करती है। सुविधा के लिए 1 वर्ष में 365 दिन गिनते हैं और 6 घंटे का समय छोड़ देते हैं। इस प्रकार 4 वर्षों में 24 घंटे अथवा एक दिन का अंतर हो जाता है।

इसलिए प्रत्येक चौथे वर्ष में एक दिन जोड़ देते हैं। इस प्रकार यह वर्ष 366 दिन का होता है इसे अधिवर्ष कहते हैं। यह अतिरिक्त दिन फरवरी के महीने में जोड़ा जाता है और इस महीने में 28 दिन के स्थान पर 29 दिन होते हैं।

सूर्य के परिक्रमण मार्ग पर पृथ्वी का अक्ष सदैव एक ही ओर झुका हुआ रहता है। इसके कारण उत्तरी गोलार्द्ध 6 महीने सूर्य की ओर झुका रहता है। अत: उत्तरी गोलार्द्ध का अधिकांश भाग सूर्य के प्रकाश में रहता है।

इस गोलार्द्ध का प्रत्येक स्थान सूर्य के प्रकाश में अपेक्षाकृत अधिक समय तक रहता है। परिणामस्वरूप यहाँ दिन बड़े होते हैं। इसके विपरीत जब दक्षिणी गोलार्द्ध सूर्य के सामने झुका होता है तो उसके सभी स्थानों पर दिन बड़े और रातें छोटी होंगी। जब दक्षिणी गोलार्द्ध सूर्य की ओर झुका होता है तो दक्षिणी ध्रुव पर रात ऋतु परिवर्तन चक्र नहीं होगी और उत्तरी ध्रुव पर दिन नहीं होगा।

इसके ठीक विपरीत जब सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर झुका होता है तो उत्तरी ध्रुव पर रात नहीं होगी और दक्षिणी ध्रुव पर दिन नहीं होगा। केवल विषुवत् वृत्त पर ही दिन और रात की अवधि बराबर होती है। विषुवत् वृत्त से जैसे-जैसे हम उत्तर या दक्षिण की दिशा में जाते हैं, दिन और रात की अवधि में अन्तर बढ़ता जाता है।

उपसौर व अपसौर (Perihelion &Aphelion)

पृथ्वी सूर्य के परितः दीर्घवृत्ताकार (Eliptical) कक्षा में परिभ्रमण करती है। इसके कारण पृथ्वी वर्ष में एक बार 3 जनवरी को सूर्य से सर्वाधिक नजदीक होती है जिसे उपसौर (Perihelion) कहते हैं।Perihelion & Aphelion

इसके ठीक विपरीत 4 जलाई को पृथ्वी सूर्य से सबसे अधिक दूर (15.2 करोड़ किमी) हो जाती है, जिसे अपसौर (Aphelion) कहा जाता है।

ऋतु परिवर्तन (Seasonal Changes)

पृथ्वी सदैव अपने अक्ष पर घूमती रहती है साथ ही सूर्य की परिक्रमा भी करती रहती है। अतः पृथ्वी की सूर्य से सापेक्ष स्थितियां सदैव बदलती रहती हैं। पृथ्वी के परिक्रमण में 4 मुख्य अवस्थाएं आती हैं एवं इन अवस्थाओं में ऋतु परिवर्तन होते हैं। 21 जून की स्थितिः इस समय सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत् चमकता है। इस स्थिति को कर्क संक्रांति कहते हैं। 21 मार्च के बाद सूर्य उत्तरायण होने लगता है एवं उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की अवधि बढ़ने लगती है जिससे वहां ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है।

21 जून को उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की लंबाई सबसे अधिक (उच्च ज्वार) रहती है। दक्षिणी गोलार्द्ध में इस समय शीत ऋतु होती है। 21 जून के पश्चात् 23 सितंबर तक सूर्य पुनः विषुवत रेखा की ओर उन्मुख होता है। परिणामस्वरूप धीरे-धीरे उत्तरी गोलार्द्ध में गर्मी कम होने लगती है। 22 दिसंबर की स्थितिः इस समय सूर्य मकर रेखा पर लंबवत चमकता है। इस स्थिति को मकर संक्रांति कहते हैं। इस समय दक्षिणी गोलार्द्ध में दिन की अवधि लंबी तथा रात छोटी होती है।

21 मार्च तक सूर्य पुनः विषुवत रेखा की ओर उन्मुख होता है एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में धीरे-धीरे ग्रीष्म ऋतु की समाप्ति हो जाती है। 21 मार्च व 23 सितंबर की स्थितियां: इन दोनों स्थितियों में सूर्य विषुवत रेखा पर लंबवत चमकता है। अतः इस समय समस्त अक्षांश रेखाओं का आधा भाग सूर्य का प्रकाश प्राप्त करता है। अतः सर्वत्र दिन व रात की अवधि बराबर होती है।

इस समय दिन व रात की अवधि के बराबर रहने एवं ऋतु की समानता के कारण इन दोनों स्थितियों को ‘विषुव’ अथवा ‘सम रात-दिन’ कहा जाता है। 21 मार्च की स्थिति को ‘बसंत विषुव’ एवं 23 सितंबर वाली स्थिति को ‘शरद विषुव’ कहा जाता है।

Q.1- पृथ्वी पर अपसौर की स्थिति कब होती है?

Ans: 4 जलाई को पृथ्वी सूर्य से सबसे अधिक दूर (15.2 करोड़ किमी) हो जाती है।

Q.2- पृथ्वी पर उपसौर की स्थिति कब होती है?

Ans: 3 जनवरी को सूर्य से सर्वाधिक नजदीक होती है।

Q.3- पृथ्वी पर दिन रात किस कारण होते है?

Ans: पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन करने के कारण दिन और रात होते हैं।

Q.4- पृथ्वी पर सबसे बड़ी रात कब होती है?

Ans: 24 दिसंबर।

Q.5- पृथ्वी पर सबसे बड़ा दिन कब होता है?

Ans: 11 June।