Last Lodi Dynasty in Hindi – लोदी वंश का इतिहास



Lodi Dynasty In Hindi – लोदी वंश का इतिहास – सैय्यद वंश के अंतिम सुल्तान अलाउद्दीन आलमशाह द्वारा राज्य त्यागने के पश्चात दिल्ली में पुनः एक बार राजसत्ता एवं राजवंश का परिवर्तन हुआ। सैय्यदों का स्थान अब लोदियों ने ले लिया।

Lodi Dynasty in Hindi

लोदी वंश का इतिहास – Lodi Dynasty in Hindi

बहलोल लोदी ने प्रथम अफगान राज्य की स्थापना हुई। सैय्यदों के समान लोदियों को भी विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा परंतु सैय्यदों की अपेक्षा लोदियों ने अधिक दृढ़तापूर्वक परिस्थिति का सामना किया। लोदियों के उदय के साथ ही [ दिल्ली सल्तनत -Delhi Sultanate] के विघटन की प्रक्रिया पूरी हो गयी। लोदियों का स्थान मुगलों ने लिया था। 

लोदी वंश प्रमुख शासक

लोदी वंश (Lodi Dynasty) और साहसी अफगानी थे। इनमें से अनेक व्यापारियों के रूप में भारत आए। अफगानों ने दिल्ली सल्तनत की सेवाएं कर अपने लिए सेना एवं प्रशासन में महत्वपूर्ण पद प्राप्त किए। तुगलकों के समय से अफगानों का राजनीतिक उत्कर्ष हुआ। यह उत्थान बहराम के समय से हुआ।

शासकशासनकाल
(1) बहलोल लोदी (1451-1489 ई.)
(2) सिकंदर लोदी (1489-1517 ई.)
(3) इब्राहिम लोदी (1517-1526 ई.)

बहलोल लोदी (1451-1489 ई.)

  • इस वंश की स्थापना बहलोल लोदी ने की थी। उसका पितामह मलिक बहराम था। उसके पिता का नाम मलिक काला था।
  • बहलोल लोदी पिता दौराला का प्रशासक था। बहलोल जब गर्भ में ही था उसके पिता की मृत्यु हो गई थी।
  • अत: उसका पालन-पोषण उसके चाचा मलिक सुल्तानशाह (इलम खा) ने किया। 19 अप्रैल,1451 ई. में उसका राज्याभिषेक हुआ।
  • शर्की सुल्तान महमूदशाह का विवाह सैय्यद वंश के अंतिम सुल्तान अलाउद्दीन आलमशाह की पुत्री बीबी राजी से हुआ था।
  • वह बहलोल द्वारा दिल्ली का तख्त हथियाए जाने और अपने पिता के अपदस्थ किए जाने से क्षुब्ध थी।
  • बहलोल और महमूदशाह की सेना में पानीपत के निकट नरेला नामक स्थान के में युद्ध हुआ।
  • आरंभ में शर्की सेना बड़ी वीरता से लड़ी परंतु महमूदशाह के अफगान सेनापति दरिया खां लोदी के युद्ध से अलग हो जाने के परिणामस्वयप शर्की सेना की पराजय हुई।
  • ग्वालियर के अंतिम अभियान के बाद दिल्ली लौटते समय लू लगने से बीमार था।
  • 12 जून, 1489 ई. में मिलावली में बहलोल लोदी की मृत्यु हुई।
  • जौनपुर राज्य का दिल्ली सल्तनत में विलयन उसकी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
  • दिल्ली सल्तनत के सभी शासकों में सर्वाधिक समय (38 वर्ष) तक शासन किया था।
  • दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाला यह प्रथम अफगान वंश था। उसने बहलोल सिक्के प्रचलित किये।
  • वह राजदरबार में सिंहासन पर न बैठकर, अपने दरबारियों के बीच बैठता था।

सिकन्दर लोदी (1489 ई, 1517 ई.)

  • यह लोदी वंश का सर्वश्रेष्ठ शासक था। 1489 ई. में बहलोल लोदी की मृत्यु के पश्चात उनका तीसरा पुत्र निजाम खां सिकंदर लोदी के नाम से दिल्ली की गद्दी पर 16 जुलाई, 1489 में बैठा।
  • उसकी माता जैबनद सुनार की पुत्री थी। बहलोल लोदी के 9 पुत्रों में निजाम खां सबसे योग्य था।
  • सिकंदर- लोदी वंश (Lodi Dynasty) का व दिल्ली सल्तनत का अंतिम महान शासक माना जा सकता है।
  •  सिकन्दर लोदी ने भूमि मापन हेतु ‘गज-ए-सिकन्दरी’ नामक पैमाने का प्रचलन किया।
  • उसने कुशल सैन्य व्यवस्था एवं गुप्तचर प्रणाली गठित की थी।
  • उसने 1504 ई. में आगरा शहर की स्थापना की और 1506 ई. में इसे अपनी राजधानी बनाया।
  • सिकन्दर लोदी ‘गुलरूखी‘ के उपनाम से फारसी में कविताएँ लिखता था। उसने कुतुबमीनार की मरम्मत करायी।
  • गले की बीमारी के कारण 21 नवंबर, 1513 ई. को उसकी मृत्यु हो गई।

इब्राहिम लोदी (1517 ई.- 1526 ई.)

  • 22 नवंबर, 1517 ई. में सिकंदर लोदी के पश्चात इब्राहीम लोदी सुल्तान बना।
  • लोदी वंश का वह अंतिम शासक था।
  • सिकंदर की मृत्यु के साथ ही अफगान-अमीरों ने गृहयुद्ध के खतरे से बचने के लिए संपूर्ण राज्य को सिकंदर के पुत्रों- इब्राहीम लोदी एवं जलाल खां में विभक्त कर दिया।
  • इब्राहीम दिल्ली का सुल्तान बना एवं जौनपुर का राज्य जलाल खां को मिला।
  • इस व्यवस्था द्वारा अफगान अमीर दिल्ली और जौनपुर पर अपना नियंत्रण भी बनाए रखना चाहते थे।
  • इस व्यवस्था ने तत्काल तो शांति स्थापित कर दी, परंतु परिणाम, अंतत: अफगान-राज्य के विघटन के रूप में प्रकट हुआ।
  • इब्राहिम लोदी ने दरबार के शक्तिशाली सरदारों के दमन की नीति अपनायी जिससे वह अलोकप्रिय हो गया।
  • दिल्ली-सल्तनत के तहत प्रथम अफगान-राज्य समाप्त हो गया तथा भारत में मुगलों की सत्ता स्थापित हुई।
  • इब्राहीम लोदी दिल्ली सल्तनत का अंतिम सुल्तान था। उसकी मृत्यु के साथ ही सत्ता मुगलों के हाथों में चली गई। इब्राहीम एक बहादुर व्यक्ति और दक्ष सेनापति था।
  • वह दिल्ली का प्रथम सुल्तान था जिसने रणभूमि (युद्धभूमि) में वीरगति प्राप्त हुआ, तथा इब्राहीम की नीतियों और अफगान अमीरों की उच्छखल प्रवृत्ति के कारण इब्राहीम के साथ ही दिल्ली सल्तनत का 300 वर्षों का शासन समाप्त हो गया।
  • बाबर की तुलना में इब्राहीम की सेना विशाल तो थी, परंतु सुसंगठित नहीं थी।
  • बाबर के पास एक शक्तिशाली तोपखाना था। बाबर ने पानीपत के मैदान में कुशल व्यूह रचना की।
  • रूमी और तुलगमा पद्धति का सहारा लेकर उसने अपनी स्थिति सुदृढ़ कर ली।
  • बाबर की स्थिति सुदृढ़ करने के लिए उसके दो कुशल तोपची- उस्ताद अली और मुस्तफा भी बाबर के साथ मैदान में थे।
  • इब्राहीम ने पहले आक्रमण नहीं किया बल्कि बाबर के आक्रमण का प्रतीक्षा ही करता रहा।
  • 19-20 अप्रैल, 1526 की रात्रि में बाबर ने अचानक इब्राहीम के शिविर पर आक्रमण कर दिया था।
  • इब्राहीम लोदी युद्ध में हरा गया और दिल्ली सल्तनत शासन समाप्त हो गया।

अमीर खुसरो कौन था?

  • इनका जन्म एटा के पटियाली गांव में 1253 ई. में हुआ था। इन्हें तूती-ए-हिंद (भारत का तोता) की उपाधि दी गई थी।
  • इन्होंने फारसी कविता का भारतीयकरण प्रारंभ किया था। फारसी की एक नई शैल सबक-ए-हिंद की (भारती शैली) का विकास किये थे।
  • इनकी प्रमुख रचनाएं नूह-सिपेहर, देवल रानी (खिज्र खां की प्रेमिका), तुगलकनामा, तारीख-ए-अलाई (अलाउद्दीन विजय) है।
  • उसने अपनी मसनवी ग्रंथ नूह-सिपेहर में भारत की जलवायु व पुष्पों का वर्णन किया है तथा भारत को स्वर्ग का उद्यान कहा है।
  • दिल्ली सल्तनत के सर्वश्रेष्ठ संगीतज्ञ थे जिन्हें गियासुद्दीन बलबन व गियासुद्दीन तुगलक का संरक्षण मिला था।
  • ये अलाउद्दीन के साथ चित्तौड़ अभियानों में शामिल थे। इन्होंने कव्वाली गायन शैली प्रारंभ की थी ये सितार व तबले के आविष्कारक माने का जाते हैं।
  • ये निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे जिन्होंने इन्हें तुर्कल्लाह की उपाधि दी थी। निजामुद्दीन औलिया की मृत्यु के अगले दिन ही इनकी भी मृत्यु हो गई।

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FAQ Section

Q.1- अमीर खुसरो कौन था?

Ans: दिल्ली सल्तनत के सर्वश्रेष्ठ संगीतज्ञ थे।

Q.2- अमीर खुसरो किसके शिष्य थे ?

Ans: ये निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे।

Q.3- बाबर और इब्राहीम में पानीपत का प्रथम युद्ध कब हुआ?

Ans: 21 अप्रैल, 1526 ई. को बाबर और इब्राहीम में पानीपत का प्रथम युद्ध हुआ।

Q.4- बहलोल लोदी के पिता का नाम क्या था ?

Ans: उसका पिता मलिक बहराम था।

Q.5- आगरा शहर की स्थापना दिल्ली सल्तनत के किस शासक ने की थी?

Ans: सिकंदर लोदी -1504 ई. में आगरा शहर की स्थापना की।

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