Latitude and longitude in hindi l अक्षांश व देशान्तर l कर्क रेखा और मकर रेखा



Latitude and Longitude in hindi
Latitude and Longitude in Hindi

अक्षांश व देशान्तर (Latitude and Longitude)

अक्षांश व देशान्तर (Latitude and Longitude in hindi) – पृथ्वी पर आप किसी एक स्थान की स्थिति को दूसरे स्थान के संदर्भ में आसानी से जान लेते हैं। परंतु यदि दो संदर्भ के लिए कोई स्थान या बिन्दु न हो तो आपको किसी स्थान की स्थिति जानने में परेशानी होगी। पृथ्वी की आकृति गोलाकार है।

इसलिए इसका ऐसा कोई किनारा नहीं है। जहां से दूरी नापी जा सके, परंतु पृथ्वी पर 2 बिन्दु:1. उत्तरी ध्रुव व 2.दक्षिणी ध्रुव हैं। इन ध्रुवों को आधारभूत संदर्भ बिन्दु कहते हैं। कुछ रेखाएँ दोनों ध्रुवों के बीच पश्चिम से पूर्व दिशाओं में विषुवत वृत्त के समानान्तर खींची गयी रेखाओं को अक्षांश वृत्त कहते हैं। कुछ रेखाएँ उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव को मिलाते हुए खींची गई हैं। ये अर्द्धवृत्त बनाती हैं। इन्हें देशान्तर रेखाएँ कहते हैं। 

अक्षांश (Latitudes)

पृथ्वी पर अक्षांश एक काल्पनिक रेखा है जो उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के बीचों बीच खींची गई है। विषुवत वृत्त का प्रत्येक बिन्दु दोनों ध्रुवों के ठीक बीच में पड़ता है। इस प्रकार यह पृथ्वी को दो बराबर भागों में विभाजित करता है। विषुवत वृत्त के उत्तरी भाग को उत्तरी गोलार्द्ध और दक्षिणी भाग को दक्षिणी गालार्द्ध कहते है।

अक्षांश (Latitudes)
Latitude and Longitude in Hindi

किसी दिये गये बिन्दु की विषुवत वृत्त से उत्तर या दक्षिण की कोणीय दूरी (Angular Distances) की माप को अक्षांश कहते हैं। जिसे विषुवत वृत्त से दोनों ध्रुवों की ओर अंशों मे मापा जाता है। एक अंश (1°) के 60 बराबर भाग किये जाते हैं और प्रत्येक ईकाई को एक मिनट (1°) कहते हैं। एक मिनट को पुन: 60 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक ईकाई को एक सेकेंड (1″) कहते हैं।

  • ध्रुव तारा (Pole Star) पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव पर सदैव स्थिर दिखायी पड़ता है तथा उत्तरी ध्रुव के साथ 90° का कोण बनाता है।
  • उत्तरी ध्रुव से जब दक्षिण की ओर जाते हैं, ध्रुव तारे की किरणों का आयतन कोण (Angle of incidence) का मान घटता जाता है।
  • उत्तरी ध्रुव से दक्षिण स्थित जिन बिन्दुओं पर ध्रुवतारे का आयतन कोण जितना डिग्री का होता है, इन बिन्दुओं को मिलाती हुई पश्चिम से पूर्व पृथ्वी पर खींची गई काल्पनिक रेखा उतने डिग्री अक्षांश रेखा होती है।
  • दूसरे शब्दों में पृथ्वी पर पश्चिम से पूर्व दिशा में खींची गई काल्पनिक रेखाएँ, जो समान अक्षांशीय कोण वाले स्थानों को मिलती है, अक्षांश रेखाएँ कहलाती हैं।
  • पृथ्वी के भूमध्यरेखीय उभार (Equatorial bulge) के कारण ध्रुव तारे का आपतन कोण भूमध्यरेखीय पर 0° होता है अतः इसे 0°अक्षांश कहा जाता हैं।
  • 0° अक्षांश पर खींची गई काल्पनिक रेखा भूमध्यरेखा या विषुवत रेखा कहलाती हैं। अक्षांश में यह सबसे बड़ी होती है। अतः इसे वृहद वृत्त भी कहते हैं। इसकी कुल लंबाई 40,076 किमी है।
  • 60° उत्तरी तथा दक्षिणी अंक्षाशों की लंबाई भूमध्य रेखा की लगभग आधी है तथा 80° उत्तरी व दक्षिणी अक्षांश रेखाओं की लंबाई भूमध्य रेखा की लगभग 1/6 है। भूमध्य रेखा के अलावे अन्य अक्षांश रेखाएँ लघु वृत्त (Small निम्न अक्षांश (Circle) कहलाती हैं। 

क्या आप जानते हैं?
1. विषुवत वृत्तः धरातल पर उत्तरी व दक्षिणी ध्रुव के बीचों-बीच/शुन्य डिग्री का काल्पनिक वृत्त ।
2. कर्क-वृत्तः धरातल पर उत्तरी गोलार्द्ध में विषुवत वृत्त से 23/”कोणीय दूरी पर खींचा गया काल्पनिक वृत्त
3. मकर वृत्तः धरातल पर दक्षिणी गोलार्द्ध में विषुवत वृत्त 231/2° कोणीय दूरी पर खींचा गया काल्पनिक वृत्त ।
4. आर्कटिक वृत्तः धरातल पर उत्तरी गोलार्द्ध में विषुवत वृत्त 66/2 की कोणीय दूरी री पर खींचा गया काल्पनिक वृत्त ।
5. अण्टार्कटिक वृत्तः धरातल पर दक्षिणी गोलार्द्ध में विषुवत वृत्त से 66/29 कोणीय
दूरी पर खींचा गया काल्पनिक वृत्त।
अक्षांश व देशान्तर (Latitude and Longitude in hindi)

कर्क रेखा / कर्क वृत्त (Tropic of Cancer)

अक्षांश व देशान्तर

कर्क वृत्त उत्तरी गोलार्द्ध में एक महत्वपूर्ण अक्षांश वृत्त है। यह विषुवत् वृत्त से 23/2° उत्तर (23°30′ उत्तर) की कोणीय दूरी है। कर्क वृत्त भारत के मध्य में पूर्व-पश्चिम दिशा में गुजरता है।

कर्क रेखा पर सूर्य 21 जून को लम्बवत् चमकता है। इसे कर्क संक्रान्ति या ग्रीष्म संक्रान्ति (Summer Solstice) भी कहा जाता है। क्योंकि इस समय उत्तरी गालार्द्ध में अधिकतम गर्मी पड़ती है। 21 जून उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन होता है।

21 जून को सूर्य की किरणों का आयतन कोण कर्क रेखा पर 90° का विषुवत वृत्त पर 66/20 का, आर्कटिक वृत्त पर 47° का तथा अंटार्कटिका वृत्त पर 0° का पड़ता है। 21 जून को नार्वे जो उत्तरी अक्षांश पर स्थित है, में अर्द्धरात्रि का सूर्य (Midnight Sun) दिखाई पड़ता है। इस तिथि को नार्वे में 24 घंटे का दिन होता है।

सूर्य एक महीने में लगभग 8° अक्षांश की तथा एक दिन में 16 मिनट अक्षांश की यात्रा करता है। अधसौर बिन्दु पृथ्वी के चतुर्विक् एक पथ बनाता है जो एक स्प्रिंग की तरह पृथ्वी को कर्क तथा मकर रेखाओं के मध्य लपेटे रहता है। इस पथ को क्रान्तिक वृत्त (Ecliptic) कहा जाता है।

कर्क रेखा भारत के कितने राज्यों में से गुजरती है Gk Trick
कर्क रेखा भारत के कितने राज्यों में से गुजरती है Gk Trick

कर्क रेखा मेक्सिको ,अल्जीरिया, माली ,मारीतिनिया , इजिप्ट ( मिस्त्र ) , नाइजर ,म्यांमार , ( संयुक्त अरब अमीरात ) , बहामास , ताईबान , ओमान , चाड , चीन , बांग्लादेश ,मोरक्को , सऊदी अरब ,भारत ,लीबिया इन सभी देशों से होकर गुजरती है।

विषुवत रेखा/भूमध्य रेखा (Equator)

विषुवतरेखा (0° अक्षांश) प्रधान मध्याह रेखा (देशान्तर) का मिलन अफ्रीका के पश्चिमी भाग पर स्थित ‘गिनी की खाड़ी’ में होता है। यह खाड़ी अटलांटिक महासागर में अवस्थित है।

विषुवत रेखा/भूमध्य रेखा इक्वाडोर ,कोलंबिया, ब्राजील, गेबौन, कांगो रिपब्लिक, कांगो रिपब्लिक डेमोक्रेटिक( लोकतांत्रिक कांगो गणराज्य )युगांडा, केन्या, सोमालिया, मालदीव, इंडोनेशिया, किरीबाती। इन सभी देशों से होकर गुजरती है।

मकर रेखा/मकरवृत्त (Tropic of Capricorn)

मकर वृत्त दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रमुख अक्षांश वृत्त है। यह विषुवत वृत्त से 23/2° दक्षिण (23°30′ दक्षिण) की कोणीय दूरी पर है। 22 दिसम्बर को मकर रेखा पर सूर्य लम्बवत चमकता है। अर्थात् 22 दिसंबर को सूर्य का अर्धसौर बिन्दु मकर रेखा पर लम्बवत् होता है। इस स्थिति को मकर संक्रान्ति या शीत संक्रान्ति (Winter Solstice) कहते है, क्योंकि इस समय दक्षिणी गोलार्द्ध में ग्रीष्म ऋतु एवं उत्तरी गोलार्द्ध में शीतऋतु होती है। 22 दिसंबर को दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन होता है।

मकर रेखा (Tropic of Capricorn) अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बोत्सवाना, ब्राजील, चिली, मेडागास्कर, मोजाम्बिक, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और पराग्वे सहित कई देशों से होकर गुजरती है।

आर्कटिक वृत्त (Tropic of Arctic)

धरातल पर उत्तरी गोलार्द्ध में विषुवत रेखा से 66% अंश (66°30′ उत्तर) की कोणीय दूरी पर खींची गया काल्पनिक रेखा आर्कटिक वृत्त कहलाता है।

अंटार्कटिक वृत्त (Tropic of Antarctic)- धरातल पर दक्षिणी गोलार्द्ध में विषुवत वृत्त से 66% अंश (66°30′ दक्षिण) की कोणीय दूरी पर खींची गयी काल्पनिक रेखा अंटार्कटिक वृत्त कहलाता है। अंटार्कटिक वृत्त को प्रकाश वृत्त (Light Circle) भी कहते हैं। अंटार्कटिक वृत्त को प्रकाश वृत्त (Light Circle) भी कहते हैं। 21 मार्च से 23 सितम्बर तक उत्तरी ध्रुव पर 6 महीने का दिन व दक्षिणी ध्रुव पर 6 महीने की रात होती है तथा 23 सितम्बर से 21 मार्च तक दक्षिणी ध्रुव पर 16 महीने का दिन व उत्तरी ध्रुव पर 6 महीने की रात होती है।

विषुव (Equinox)

यह पृथ्वी पर वह स्थिति है जब सूर्य की किरणें विषुवत रेखा पर लम्बवत् पड़ती है और सर्वत्र दिन एवं रात बराबर होते हैं। 23 सितम्बर एवं 21 मार्च को संपूर्ण पृथ्वी पर दिन एवं रात बराबर होते हैं। इसे क्रमश: शरद विषुव (Autumnal Equinox) एवं बंसत विषुव (Vernal Equinox) कहते हैं।

देशान्तर (Longitude)

पृथ्वी पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखा देशान्तर रेखा कहलाती हैं। दो देशान्तरों के बीच की दूरी को अंशों में मांपते हैं। प्रत्येक अंश को पुनः मिनट और सेकेंड में विभाजित किया जाता है। ये रेखाएँ अर्द्धवृत्ताकार होती हैं। ध्रुवों पर इनके बीच की दूरी शून्य हो जाती है क्योंकि ध्रुवों पर ये एक बिन्दु पर मिल जाती हैं। अक्षांश वृत्तों के विपरीत देशान्तर रेखाओं की लंबाई बराबर होती है।

  • देशान्तर और समय- पृथ्वी पर समय मापने का सबसे उत्तम साधन पृथ्वी चन्द्रमा और ग्रहों की चाल है। सूर्य नियमित रूप से उदय और अस्त होता है। अत: यह विश्व का सर्वोत्तम प्राकृतिक समय मापक है।
  • स्थानीय समय की गणना सूर्य की छाया से की जा सकती है। सूर्य की छाया मध्यान्ह (दोपहर) में सबसे छोटी तथा सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सबसे लंबी होती है।
  • जब ग्रीनविच की प्रधान मध्यान्ह रेखा पर सूर्य आकाश में सबसे अधिक ऊँचाई पर होगा तो इस देशान्तर रेखा पर स्थित सभी स्थानों पर मध्यान्ह (दोपहर) होगा। ग्रीनविच देशान्तर के स्थानीय समय को ग्रीनविच समय (Greenwich Mean Time-GMT) कहा जाता है, जो ब्रिटेन का मानक समय है। यही ब्रह्माण्ड समय (Universal Time) कहलाता है।
  • चूँकि पृथ्वी अपने काल्पनिक अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है, इसलिए ग्रीनविच से पूर्व के स्थानों का समय ग्रीनविच समय से आगे होगा। किसी स्थान पर जब सूर्य आकाश में सबसे अधिक ऊँचाई पर होता है दिन के 12 बजते हैं। इस समय को वहाँ का स्थानीय समय (Local time) कहते हैं।। एक देशान्तर रेखा पर स्थित सभी स्थानों का स्थानीय समय एक ही होता है।

अन्तर्राष्ट्रीय मानक समय (International Standard Time)

  • विभिन्न देशान्तर रेखाओं पर स्थित स्थानों के स्थानीय समय में अवश्य अंतर होगा। स्थानीय समय के इस अंतर के कारण लोगों के लिए कठिनाइयाँ पैदा हो जायेंगी।
  • उदाहरण के लिए भारत में गुजरात राज्य के द्वारका नगर और असम राज्य के डिब्रूगढ़ नगर के स्थानीय समय में 1 घंटा 45 मिनट का अन्तर है। इसलिए यह आवश्वक है कि प्रत्येक देश की एक केन्द्रीय देशान्तर रेखा (मानक मध्यान्ह रेखा) के स्थानीय समय को ही सारे देश का मानक समय माना जाये। मानकीकरण में आधे घंटे (772° देशान्तर) को गुणक माना गया है।
  • विश्व को 24 समय जोनों में बाँटा गया है। इन समय जोनों को ग्रीनविच मीन टाइम व मानक समय में एक घंटे के अन्तराल के आधार पर विभाजित किया गया है, अर्थात् प्रत्येक जोन 15° के बराबर होता है।
  • ग्रीनविच याम्योत्तर ०° देशान्तर पर है जो कि ग्रीनलैंड व नार्वेनियन सागर तथा ब्रिटेन, स्पेन, अल्जीरिया, फ्रांस, माली, बुर्कीनाफासो, घाना व दक्षिण अटलांटिक समुद्र से गुजरता है।

FAQ

Q.1- कर्क रेखा भारत के कितने राज्यों में से गुजरती है ?

Ans: 8 राज्यों से ।

Q.2- मकर रेखा विश्व के कितने देशों से होकर गुजरती है ?

Ans: मकर रेखा दस देशो से होकर गुजरती है

Q.3- अफ्रीका महाद्वीप किस देशांतर रेखा के बीच स्थित है ?

Ans: अफ्रीका का अक्षांश और देशांतर 9.1021° उत्तर, 18.2812° पूर्व के बीच स्थित है।

Q.4- निम्नलिखित में से कौन सा अक्षांश एशिया से होकर गुजरता है? ?

Ans: कर्क रेखा और भूमध्य रेखा दोनों ही एशिया से होकर गुजरती है। कर्क रेखा भूमध्य रेखा के लगभग 23.5° उत्तर में स्थित है।

Q.5- कौन सी रेखा एशिया को पार नहीं करती है ?

Ans: आर्कटिक सर्कल 66 1/2 डिग्री उत्तर में एशिया से नहीं गुजरता है।

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