सॉफ्टवेयर क्या है सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं?



सॉफ्टवेयर क्या है: कंप्यूटर का वह भाग जिसे हम केवल देख सकते हैं, उस पर कार्य कर सकते हैं, किन्तु स्पर्श नहीं कर सकते, सॉफ्टवेयर कहलाता है। सॉफ्टवेयर (Software) का निर्माण कंप्यूटर पर चल रहे कार्यों को आसान बनाने के लिए हुआ है, सॉफ्टवेयर (Software) की तुलना कंप्यूटर के दिमाग (Brain) से की जा सकती है।

सॉफ्टवेयर क्या है?

अव्यावहारिक तौर पर यदि कंप्यूटर को परिभाषित किया जाए, तो हम हार्डवेयर को मनुष्य का शरीर तथा सॉफ्टवेयर (Software) को उसकी बुद्धि कह सकते हैं।

सॉफ्टवेयर वह सूचना, आदेश अथवा तरीका है. जिनके आधार पर कंप्यूटर का हार्डवेयर कार्य करता है। किसी उपकरण को कैसे कार्य में लाना है, इसकी जानकारी सॉफ्टवेयर के अंदर पहले से ही स्थापित की हुई होती है। उल्लेखनीय है कि कंप्यूटर को हैं. जरूरत के अनुसार चलाने के लिए निर्देशों का एक समूह दिया जाता है, इन्हें ‘प्रोग्राम’ का नाम दिया गया है। इन प्रोग्रामों के समूह को ही सॉफ्टवेयर कहते हैं।

5 सॉफ्टवेयर के नाम

  • मालवेयर
  • रेंमसवेपर
  • स्पाईवेयर
  • कंपाइलर
  • बॉर्गन
  • फिशिंग
  • ट्रोजन
  • BIOS
  • असेम्बलर

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (Computer Software) को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा (Distribute) जा सकता है-

1. सिस्टम सॉफ्टवेयर1.ऑपरेटिंग सिस्टम, 2. लैंग्वेज प्रोसेसर
3. डिवाइस ड्राइवर, 4. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर
2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर1. जनरल परपज सॉफ्टवेयर
2. स्पेशलिस्ट सॉफ्टवेयर

1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)

यह एक प्रकार का सॉफ्टवेयर है, जो हार्डवेयर और उपयोगकर्ता (User) के बीच मध्यस्थ (Mediator) का कार्य करता है, तथा यह हार्डवेयर और उपभोक्ता अनुप्रयोग (User Applications) के बीच होने वाली सभी प्रकार की गतिविधियों (Activities) का प्रबंधन (Management) करता है। यह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) के प्रचालन (Operation) हेतु प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है।

सॉफ्टवेयर क्या है?

उदाहरण के लिए- निविष्ट युक्ति (Input Device) से आंकड़े (Data) को पढ़ना अथवा सूचना (Information) के प्रोसेसिंग (Processing) के पश्चात निर्गत युक्ति (Output Devices) में स्थानांतरित (Transfer) करना, आंकड़ा (Data) व निर्देशों (Instructions) को कंप्यूटर के समझने योग्य भाषा (Suitable Language) में बदलना आदि।

  • BIOS (Basic Input Output Sytem),
  • असेम्बलर (Assembler),
  • डिवाइस ड्राइवर (Device Driver)

इत्यादि सिस्टम सॉफ्टवेयर के उदाहरण हैं।

सिस्टम सॉफ्टवेयर को निम्नलिखित भागों में वर्गीकृत (Classified) किया जा सकता है-

(i) प्रचालन तंत्र (Operating System)

(ii) भाषा प्रोसेसर (Language Processor)

(iii) युक्ति चालक (Device Driver)

(iv) यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software)

(i) प्रचालन तंत्र (Operating System): प्रचालन तंत्र (Operating System) कंप्यूटर हार्डवेयर (Hardware) एवं सॉफ्टवेयर (Software) के बीच सेतु (Bridge) का कार्य करता है और यह कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर घटक (Software Component) होता है। इसी की सहायता से कंप्यूटर में स्थापित प्रोग्राम (Installed Program) चलते हैं उदाहरण :

  • एमएसडॉस (MS-DOS),
  • यूनिक्स (UNIX),
  • लिनक्स (LINUX),
  • विंडोज – 7 (WINDOWS-7),
  • विंडोज-8 (WINDOWS- 8) आदि।

(ii) भाषा प्रोसेसर (Language Processor): भाषा प्रोसेसर प्रोग्रामर (Programmer) द्वारा लिखी गए उच्च स्तरीय भाषा (High Level Language) प्रोग्राम (Program) को कंप्यूटर द्वारा समझने योग्य (Capable) मशीनी भाषा (Machine Language) में बदलने का कार्य करता है।

कंपाइलर इंटरप्रिंटर
1. पूरे प्रोग्राम को एक साथ परिवर्तित करता है।1. प्रोग्राम के एक-एक लाइन को अनुवादित करता है।
2. पूरे प्रोग्राम को मशीनी भाषा (Machine Language)
में परिवर्तित कर सभी गलतियां एक साथ बताता है।
2. एक लाइन को मशीनी भाषा (Machine Language)
में परिवर्तित कर उसकी गलतियां बताता है तथा उ
स दोष के दूर हो जाने पर आगे बढ़ता है।
3. अशुद्धियों (Fault) को हटाने (Remove) में धीमा है।3. अशुद्धियों (Fault) को हटाने (Remove) में तीव्र है।
4. संपादन में अधिक समय लेता है।4. संपादन में कम समय लेता है।

(iii) युक्ति चालक (Device Driver): युक्ति चालक (Device Driver) सिस्टम सॉफ्टवेयर का प्रकार है। यह विशेष प्रकार की युक्तियों (Devices), जैसे- की-बोर्ड (Key-Board), माउस (Mouse), प्रिंटर (Printer), स्कैनर (Scanner) आदि को कंप्यूटर सिस्टम से जोड़ने तथा उन्हें नियंत्रित करने का कार्य करता है।

जब भी हम बाजार से एक नया हार्डवेयर (Hardware) खरीदते हैं, तो उस हार्डवेयर (Hardware) के साथ एक इंस्टालेशन डिस्क (Installation Disk) भी मिलती है, जिसके माध्यम (Medium) से उस हार्डवेयर (Hardware) के ड्राइवर्स (Drivers) को हम अपने प्रचालन तंत्र (Operating System) में इंस्टॉल (Install) कर पाते हैं।

(iv) यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software): यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को बिना किसी व्यवधान के सुचारु रूप से चलाने में मदद करता है, इसलिए इसे सर्विस प्रोग्राम (Service Program) या सर्विस रूटिन (Service Routine) भी कहते हैं। इसको मुख्यतः प्रचालन तंत्र, एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को व्यवस्थित करने के लिए अभिकल्पित (Design) किया गया है।

  • वायरस स्कैनर (Virus Scanner),
  • डिस्क चेकर (Disk Checker),
  • एंटी वायरस (Anti virus),
  • डिस्क क्लिन-अप (Disk Cleanup) आदि इसके उदाहरण हैं।

2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

यह एक या अधिक प्रोग्राम (Program) का वह समूह है, जिसे प्रोग्रामर्स (Programmers) द्वारा एक विशेष (Special) कार्य को करने के लिए अभिकल्पित (Design) किया जाता है।

आवश्यकतानुसार’ ‘भिन्न-भिन्न (Different) उपयोगों के लिए भिन्न- भिन्न एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) होते हैं, जैसे- लिखने के लिए, आंकड़ों (Data) को रखने के लिए, गाना रिकॉर्ड करने के लिए, वेतन की गणना (Salary Calculation), लेन-देन (Transaction) का हिसाब (Calculation) आदि के लिए।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) को निम्न भागों में विभाजित किया जा सकता है-

(i) सामान्य उद्देश्य सॉफ्टवेयर (General Purpose Software) (ii) विशेष सॉफ्टवेयर (Specialist Software)

उपयोगकर्ता (User)

वह व्यक्ति जो कंप्यूटर (Computer) का इस्तेमाल करता है, अर्थात जिसके द्वारा कंप्यूटर से सूचनाओं (Information) का आदान- प्रदान किया जाता है, उपयोगकर्ता (User) कहलाता है

Leave a Comment