कंप्यूटर की 10 विशेषताएं क्या है?



कंप्यूटर की 10 विशेषताएं क्या है? प्रत्येक कंप्यूटर की विशेषताएं कुछ-कुछ समान होती हैं। कंप्यूटर जटिल से जटिल कार्य करने में सक्षम होते हैं। कंप्यूटर की विशेषताएं निम्न हैं- कंप्यूटर की 10 विशेषताएं क्या है?

कंप्यूटर की 10 विशेषताएं क्या है?

गति (Speed)

कंप्यूटर की गणना (Calculation) करने की गति (Speed) मानव की गणना (Calculation) करने की गति (Speed) से कई गुना अधिक होती है। उदाहरणार्थ अगर हम किसी कंपनी की बैलेंस शीट (Balance Sheet) बनाने के लिए परंपरागत (Traditional) तरीके का प्रयोग करेंगे तो लगभग एक महीना लग जाएगा, जबकि कंप्यूटर के प्रयोग से यह काम कुछ ही घंटों में पूरा किया जा सकता है।

शुद्धता (Accuracy)

शुद्धता कंप्यूटर से हमें जो परिणाम (Result) प्राप्त होते हैं वे शुद्ध होते हैं। यह आवश्यक है कि अधिकाधिक शुद्ध परिणामों के लिए कंप्यूटर में निविष्ट (Input) आंकड़ा (Data) शुद्ध (Accurate) हो।

उच्च संग्रह क्षमता

कंप्यूटर अपनी स्मृति (Memory) में सूचनाओं (Information) का विशाल भंडार (Storage) संचित (Accumulate) कर सकते हैं एवं आवश्यकता पड़ने पर एक निर्देश (Instructions) से किसी भी सूचना (Information) को देखा या पढ़ा जा सकता है।

विश्वसनीयता (Reliability)

कंप्यूटर सालों-साल एक ही परिणाम देता है, जबकि मनुष्य से यदि हजार अंकों का जोड़ कराया जाए, तो उसका परिणाम विभिन्न समय अंतराल (Duration) पर (त्रुटि के कारण) भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। गोपनीय जानकारियों (Information) को रखने के लिए कंप्यूटर सर्वोत्तम स्थान है, क्योंकि कंप्यूटर में अनेक सूचना (Information) प्रबंधन (Man- agement) तकनीकों (Techniques) का प्रयोग किया जाता है, जिनसे सूचना (Information) एवं जानकारियों को एक गलत व्यक्ति (Person) द्वारा प्राप्त करना अत्यंत कठिन होता है।

बहुउद्देश्यीय (Versatile)

कंप्यूटर एक बहुउद्देश्यीय (Multipurpose) यंत्र (Machine) है, जिससे अनेक कार्यों को सम्पादित किया जाता है। कंप्यूटर का उपयोग समाज (Society) के प्रत्येक वर्ग (Category) में आज आवश्यकता बन गया है।

गणना (Calculation)

गणना करने, संगीत सुनने, सूचना (Information) संचय (Collection) करने, फिल्म देखने, मकान का नक्शा बनाने आदि में कंप्यूटरों का प्रयोग किया जाता है। वर्ड-लेंथ (Word-Length of a Computer) डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer) केवल बाइनरी डिजिट पर चलता है।

बाइनरी डिजिट (Binary Digit)

यह केवल 0 एवं 1 की भाषा (Language) समझता है। बिट (Bit) की संख्या जिन्हें कंप्यूटर एक समय में क्रियान्वित (Execute) करता है, उसे वर्ड-लेंथ (Word-Length) कहा जाता है। *सामान्यतया वर्ड -लेंथ 8, 16, 32, 64 आदि हैं। वर्ड-लेंथ द्वारा कंप्यूटर की शक्ति मापी जाती है, जो कि कंप्यूटर की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

परिश्रमशीलता (Diligence)

परिश्रमशीलता (Diligence) का अर्थ है कि बिना रुके किसी कार्य को करना। मानव जीवन थकान, कमजोरी, अविश्वास, संकेंद्रण के अभाव आदि से पीड़ित रहता है। मनुष्य के अंदर भावनाएं होती हैं। इसलिए वे एक जैसा कार्य नहीं कर सकते हैं, परंतु कंप्यूटर के साथ ऐसा कुछ नहीं है। कंप्यूटर हर बार बहुत ही शुद्धता एवं यथार्थता (Accuracy) से कार्य कर सकता है।

विविध विशेषताएं 

यह सामान्य गणनाओं (General Calculations) से लेकर जटिल से जटिल गणनाओं को करने में सक्षम है। मिसाइलों (Missile) एवं उपग्रहों (Satellite) का संचालन (Operation) इन्हीं के द्वारा किया जाता है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि कंप्यूटर लगभग सभी र्य कार्यों को कर सकता है। एक कंप्यूटर दूसरे कंप्यूटर से सूचनाओं (Information) का आदान-प्रदान कर सकता है।

कंप्यूटर की सीमाएं (Limitations of Computer) कंप्यूटर में भी कुछ कमियां या दोष उपस्थित होते हैं। इसका अर्थ यह है कि कंप्यूटर की कार्य क्षमता (Work Capacity) भी किसी सीमा पर आकर समाप्त हो जाती है। कंप्यूटर की सीमाओं (Limitations) को निम्न भागों में विभक्त किया जा सकता है-

  • (i) विद्युत पर निर्भरता (Dependence on Electricity)
  • (ii) सामान्य बोध की कमी (Lack of Common Sense)
  • (iii) अपग्रेड और अपडेट (Upgrade and Update)
  • (iv) वायरस से खतरा (Virus Threat)

(i) विद्युत पर निर्भरता (Dependence on Electricity)- कंप्यूटर संचालन (Operation) के लिए विद्युत (Electric) की आवश्यकता पड़ती है। बिना विद्युत (Without Electricity) के कंप्यूटर का संचालन (Operation) संभव नहीं है।

(ii) सामान्य बोध की कमी (Lack of Common Sense) – कंप्यूटर कभी भी गलत गणना (Wrong Calculation) नहीं करता है। उपयोगकर्ता (User) द्वारा दी गई प्रविष्टियों (Entry) के आधार (Base) पर कंप्यूटर आउटपुट (Output) देता है। कंप्यूटर सही या गलत की पहचान नहीं कर सकता, जिस कारण कंप्यूटर को एक संपूर्ण उपकरण (Device) नहीं कहा जा सकता है।

(iii) अपग्रेड और अपडेट (Upgrade and Update) – कंप्यूटर अपना विकास (Development) या अद्यतनीकरण (Update) स्वयं नहीं कर सकता, क्योंकि कंप्यूटर का विकास या अद्यतनीकरण (Update) मानव द्वारा ही संभव है, यदि कंप्यूटर का सही समय पर अद्यतनीकरण (Update) नहीं किया जाता, तो ये ठीक प्रकार से कार्य नहीं करते हैं।

(iv) वायरस से खतरा (Virus Threat)- कंप्यूटर को हमेशा वायरस से खतरा (Danger) बना रहता है। जैसे मनुष्य के अंदर वायरस (Virus) के प्रवेश से अनेक प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं। उसी प्रकार वायरस के प्रवेश (Enter) से कंप्यूटर के प्रचालन तंत्र (Operating System) एवं उसमें सुरक्षित दस्तावेजों (Docu- ments) को भी नुकसान हो सकता है।

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